संस्कृति -21 सदी की नारी कौन सी आजादी चाहती हैं ?



सीता-राम

राधे -श्याम

गौरी -शंकर

लक्ष्मी- नारायण


सोच रहा हूं क्या ये वही भारत है जहां नारी जाति को इतना सम्मान दिया जाता है कि भगवान के नाम तक 

में स्त्री नाम पहले आता है

तथा जहां पुत्र को मां के नाम तक से संबोधित किया जाता है...

अंजनिपुत्र -हनुमान

देवरीनंदन- कृष्ण

कौन्तेय- अर्जुन

गंगापुत्र- पितामह भीष्म "

जहां बेटियों को पिता का सरनाम क्या पूरा नाम मिल जाता था...

जनक/विदेह- जानकी/वैदेही

द्रुपद/पांचाल नरेश- द्रोपदी/पांचाली

वृषभानु - वृषभानु दुलारी/राधा

-----
जहां एक स्त्री की इज्जत के लिये पूरा महाभारत हो जाता है... और आज उसी हस्तिनापुर (दिल्ली) में 

किसी के सर में जूं तक नहीं रेंगती... ‼

ओह मैं भूल गया .. कि मैं भारत नहीं इण्डिया में रहता हूं.. मॉर्डन इण्डिया ..

मेरी सोच कितनी छोटी है अभी रामायण -गीता में उलझी पडी है... और यहां लोग 'मनोहर कहानियों' तक 

पहुंच गये..

जहां नमस्कार नहीं.. यो मैन सुनाई देता है.. लोग ठहाके लगाना भूल गये .. लोल जेनरेशन जो आ गई है..

जो खून कभी गर्म होता था अब कूल हो गया.. मतलब तो मुझे नहीं पता वो डूड भी हो गया.. जो जवानी 

कभी इंकलाब लाती थी.. वो अब अबला लडकियों पर अपनी मर्दानगी दिखा रही ह

ये मिला हमें देश को भारत से इण्डिया बनाकर.. फूहडता, नग्नता, अश्लीलता, बलात्कार ..

वैलकम टू इण्डिया गाय्ज..

21 सदी की नारी कौन सी आजादी चाहती हैं ?

शुभप्रभात.. .नमस्कार /यो यो..!

Comments

Popular posts from this blog

The Five Monkeys Experiment: What It Really Teaches Us About Organizational Culture

भारत में ब्राह्मण समुदायों की वंशावली, गोत्र और क्षेत्रीय परंपराएँ

शोभा सिंह और शादीलाल