Posts

Showing posts with the label HEALTH and AYURVED

इलाज -Blow shell to get rid from diseases

यदि पाना हें रोगों से छुटकारा तो शंख बजाइए और रोग भगाइए ; Blow shell to get rid from diseases (जानिए क्या हें शंख ,इसके प्रभाव और परिणाम) भारतीय संस्कृति में शंख को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। माना जाता है कि समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक शंख भी था। अथर्ववेदके अनुसार, शंख से राक्षसों का नाश होता है-शंखेन हत्वारक्षांसि।भागवत पुराण में भी शंख का उल्लेख हुआ है। शंख में ओम ध्वनि प्रतिध्वनितहोती है, इसलिए ओम से ही वेद बने और वेद से ज्ञान का प्रसार हुआ। पुराणों और शास्त्रों में शंख ध्वनि को कल्याणकारी कहा गया है। इसकी ध्वनि विजय का मार्ग प्रशस्त करती है। शंख का महत्व धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, वैज्ञानिक रूप से भी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके प्रभाव से सूर्य की हानिकारक किरणें बाधक होती हैं। इसलिए सुबह और शाम शंखध्वनिकरने का विधान सार्थक है। जाने-माने वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बसु के अनुसार, इसकी ध्वनि जहां तक जाती है, वहां तक व्याप्त बीमारियों के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। इससे पर्यावरण शुद्ध हो जाता है। शंख में गंधक, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे उपयोगी पदार्थ मौ...

COKE SECRET IS OUT.....

Image

इलाज - DRINKING WATER AND EFFECTIVNESS

Image

सूर्यनमस्कार - SURYANAMASKAR

Image
सूर्यनमस्कार  - SURYANAMASKAR

डायाबिटीस ( Diabetes )

डायाबिटीस ( Diabetes ) भारत में करीब 5 Crore लोग यह रोग से पीड़ित हे रोज सुबह उठकर 5 मिनिट भ्रस्त्रिका,30 मिनिट कपालभाती ,30 मिनिट अनुलोब विलोम का प्राणायाम करे और उसके साथ नीचे बताये इलाज में से ... कोई भी एक करे.... लेकिन प्राणायाम सभी इलाज में करना आवश्यक हे इलाज : # 100 Gms. मेथी का दाना + 100 Gms. तेज पत्ता ( जिसे हम गरम मसाले में इस्तेमाल करते हे ) + 150 Gms जामुन के बीज का पावडर +250 Gms बेलपत्र के पत्ते का पावडर .... ये सब को पत्थर में पीस कर पावडर बना लो अब ये पावडर को एक बार सुबह का नाश्ता और एक बार शाम के खाने के एक घंटे पहले 1-1 चमच गरम पानी के साथ लो याद् रखे सुबह और शाम दोनों समय यह दवा ले और खाने के एक घंटे पहले खाये और यह दवा के इस्तेमाल के दौरान शक्कर का इस्तेमाल ना करे शक्कर की जगह गुड खा सकते हे यह दवा खाने के 2-3 महीने में ही सुगर लेवल से कम हो जायेगा और फिर जब सुगर लेवल से कम हो जाये तो दवा को बंद करदे लेकिन प्राणायाम को चालू रखे ------ # एक चमच मेथी के दाने को रात भर गुनगुने पानी में भिगो कर रखे सुबह उठकर ये पानी पी जाओ और सभी म...

Why is there a Poison Warning on Toothpaste?

Image
source of DATA:   http://www.fluoridealert.org/toothpaste.html Fluoride Action Network January 2005 Don't Swallow Your Toothpaste As of April 7th, 1997, the United States FDA (Food & Drug Administration) has required that all fluoride toothpastes sold in the U.S. carry a poison warning on the label. The warning cautions toothpaste users to: "WARNING: Keep out of reach of children under 6 years of age. If you accidentally swallow more than used for brushing, seek professional help or contact a poison control center immediately." Why the Need for a Warning? One of the little-known facts about fluoride toothpaste, is that each tube of toothpaste - even those specifically marketed for children - contains enough fluoride to kill a child. As detailed below, most "Colgate for Kids" toothpastes - with flavors ranging from bubble gum to watermelon - contain 143 milligrams (mg) of fluoride in each tube. This dose of fluoride is more than double t...

डायबिटीज के नियंत्रण की चाबी- अलसी

Image
पिछले कुछ दशकों में भारत समेत पूरे विश्व में डायबिटीज टाइप-2 के रोगियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है व अब तो यह किशोरों और बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है। डायबिटीज एक महामारी का रुप ले चुकी है। आइये हम जानने की कोशिश करते हैं कि पिछले कुछ दशकों में हमारे खान-पान, जीवनचर्या या वातावरण में ऐसा क्या बदलाव आया है। शोधकर्ताओं के अनुसार जब से परिष्कृत यानी “रिफाइन्ड तेल” (जो बनते समय उच्च तापमान, हेग्जेन, कास्टिक सोडा, फोस्फोरिक एसिड, ब्लीचिंग क्ले आदि घातक रसायनों के संपर्क से गुजरता है), ट्रांसफेट युक्त पूर्ण या आंशिक हाइड्रोजिनेटेड वसा यानी वनस्पति घी (जिसका प्रयोग सभी पैकेट बंद खाद्य पदार्थों व बेकरी उत्पादनों में धड़ल्ले से किया जाता है), रासायनिक खाद, कीटनाशक, प्रिजर्वेटिव, रंग, रसायन आदि का प्रयोग बढ़ा है तभी से डायबिटीज के रोगियों की संख्या बढ़ी है। हलवाई और भोजनालय भी वनस्पति घी या रिफाइन्ड तेल का प्रयोग भरपूर प्रयोग करते हैं और व्यंजनों को तलने के लिए तेल को बार-बार गर्म करते हैं जिससे वह जहर से भी बदतर हो जाता है। शोधकर्ता इन्ही को डायबिटीज का प्रमुख कारण मानते हैं। ...

आयुर्वेद-कैंसर रोधी आहार–विहार CANCER TREATMENT

Image
क्रूर, कुटिल, कपटी, कठिन, कष्टप्रद कर्करोग का सस्ता, सरल, सुलभ, संपूर्ण और सुरक्षित समाधान है। प्रस्तावना डॉ योहाना बुडविज (जन्म 30 सितम्बर, 1908 – मृत्यु 19 मई 2003) विश्व विख्यात जर्मन जीवरसायन विशेषज्ञ व चिकित्सक थीं। उन्होंने भौतिक विज्ञान, जीवरसायन विज्ञान, भेषज विज्ञान में मास्टर की डिग्री हासिल की थी व प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान में पी.एच.डी. की थी। वे जर्मन सरकार के खाद्य और भेषज विभाग में सर्वोच्च पद पर कार्यरत थीं। वे जर्मनी व यूरोप की विख्यात वसा और तेल विशेषज्ञ थी। उन्होंने वसा, तेल तथा कैंसर के उपचार के लिए बहुत शोध की थी। उनका नाम नोबल पुरस्कार के लिए 7 बार चयनित हुआ था। वे आजीवन शाकाहारी रहीं। जीवन के अंतिम दिनों में भी वे सुंदर, स्वस्थ व अपनी आयु से काफी युवा दिखती थी। उन्होंने पहली बार संतृप्त और असंतृप्त वसा पर बहुत शोध किया। उन्होंने पहली बार आवश्यक वसा अम्ल ओमेगा-3 व ओमेगा–6 को पहचाना और उन्हें पहचानने की पेपर क्रोमेटोग्राफी तकनीक विकसित की थी। इनके हमारे शरीर पर होने वाले प्रभावों का अध्ययन किया था। उन्होंने यह भी पता लगाया था कि ओमेगा–3 किस प्रकार हमारे...

आयुर्वेद – स्वास्थ्य रक्षा की हिन्दू पद्धति

•“आयुर्वेद” शब्द “आयुः” और “वेद” शब्दों की संधि से बना है। “आयुः” का अर्थ है “अवस्था, उम्र, जीवन” और “वेद” का अर्थ है “ज्ञान”, अतः “आयुर्वेद का अर्थ हुआ “आयु से सम्बंधित ज्ञान”। •आयुर्वेद को स्वास्थ्य रक्षा हेतु हिन्दू पद्धति माना जाता है। •भारत, नेपाल, श्रीलंका आदि देशों के अनगिनत लोग आयुर्वेद पर ही विश्वास रखते हैं। व्यापक रूप से इसे हमारे ग्रह की अनवरत रूप से चलने वाली औषधि प्रणाली, जिसका उद्गम वैदिक काल से भी पहले ईसा पूर्व 5000 में हुआ था, माना जाता है। •पौराणिक कथाओं के अनुसार आयुर्वेद के समस्त श्लोक स्वयं भगवान ब्रह्मा के मुख से निकले थे अर्थात् वे ब्रह्मवाक्य हैं। •परम्परा के अनुसार, आयुर्वेद का प्रथम वर्णन अग्निवेश लिखित “अग्निवेश तंत्र” के रूप में हुआ। कालान्तर में महर्षि चरक ने इसे पुनः लिखा और इसका नाम “चरक संहिता” पड़ा। •आयुर्वेद का एक अन्य मुख्य ग्रंथ सुश्रुत संहिता है जिसे कि भगवान धन्वन्तरि के प्रमुख शिष्य सुश्रुत ने ईसा पूर्व लगभग 1000 में लिखा था। सुश्रुत को “शल्य चिकित्सा” के जनक के रूप में माना जाता है और “सुश्रुत संहिता” में भगवान धन्वन्तरि के द्वारा बता...

आयुर्वेद

आँवला (Amla) स्वाद में कसैला किन्तु स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यन्त गुणकारी! आँवला माता के सदृष हमारा पोषण करने वाला फल है इसलिए इसे “धातृ फल” नाम दिया गया है। आयुर्वेद आँवले का गुणगाण करते जरा भी थकता नहीं है। आँवला अत्यन्त शीतल तासीर वाला फल है। अपनी शीतलता से यह मनुष्य के दिमाग को शान्त रखते के साथ ही शक्ति भी प्रदान करता है। आँवले का नियमित सेवन करना स्‍मरण शक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। आयुर्वेद में उदर से सम्बन्धित रोगों के लिए आँवले को रामबाण माना गया है। आँवले के चूर्ण को शहद के साथ मिला कर चाटने सेपेट व गले की जलन, खाना न पचना, खट्टी डकार, गैस व कब्‍ज आदि रोग दूर होते हैं। त्वचा सम्बन्धी रोगों के लिए आँवले का सेवन अत्यन्त लाभकारी है, त्वचा स्वस्थ बनी रहती है। आँवला स्नायु तंत्र को मजबूती प्रदान करता है तथा सौन्दर्य में वृद्धि करता है। आँवले के सेवन से नये खून का निर्माण होता है रक्त सम्बन्धी समस्त विकार दूर होते हैं। आँवला हानिकारक टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालता है और रक्त को साफ करता है। गर्भावस्‍था में आँवला रक्‍त की कमी को दूर करता है। आँवला यौवन शक्ति प्रदान ...

खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ : ( Buffet System's disadvantage )

जब हम किसी सुविधा के आदी (गुलाम) हो जाते है या जब कोई चीज प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दी जाती है या जब कोई चीज घर घर में पहुँच जाती है, तब वह चाहे कितनी भी अवैज्ञानिक क्यों न हो कितने ही रोग पैदा कराने वाली क्यूँ न हो , हम अपने मानसिक विकारों (लत,दिखावा, भेड़चाल आदि) के कारण उसकी असलियत को जानना ही नहीं चाहते है और यदि कोई बता दे तो वही व्यक्ति को हम दक़ियानूसी मानते है और इन मानसिक विकारों के कारण हमारे दिमाग मे सेकड़ों तर्क उठने लगते है, हमारी हर परम्पराओं मे वैज्ञानिकता थी हम भारतियों ने जड़ विज्ञान की अपेक्षा चेतन्य विज्ञान पर अधिक बल दिया और चेतन्य के आगे जड़ कही नहीं टिकता आज के युवा कब समझेंगे ? खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ : ( Buffet System's disadvantage ) - खड़े होकर भोजन करने से निचले अंगों में वात रोग (कब्ज, गैस, घुटनों का दर्द, कमर दर्द आदि) बढ़ते है, और कब्ज बीमारियों का बादशाह है । - खड़े होकर भोजन करने से यौन रोगो की संभावना प्रबल होती है, जिसमे नपुंसकता, किडनी की बीमारियाँ, पथरी रोग - पैरो में जूते चप्पल होने से पैर गरम रहते है जबकि आयुर्वेद के अनुसार भोजन क...

कुछ महाझूठ ! व्यापार और लुट के लिए - स्वास्थ्य से खिलवाड़

वह कहते है ना की सोये हुए को उठाना आसान है लेकिन जिसने सोने का ढोंग किया हो उसे उठाना मुश्किल है, हमारे आसपास कितने षडयंत्रो से भरी दुनिया है उसमे से कुछ षड्यंत्र आपके सामने प्रस्तुत है ---- महाझूठ - रिफाइंग तेल स्वास्थ्य-प्रद है सत्य - पाम, सोयाबीन, सूर्यमुखी, कुसुम, कपास, चावल की भूसी आदि के तेल बेस्वाद व दुर्गंध से भरे होते है उन्हें इससे मुक्त करने के लिए रिफ़ाइन करने की प्रक्रिया का आविष्कार हुआ, "क्या आप जानते है रिफ़ाइन करने के लिए प्रयुक्त रसायन (कास्टिक सोडा, हेकजेन, फुलर आर्क, प्लास्टर ऑफ पेरिस आदि ) के तेल मे थोड़ी मात्र मे रह जाते है, लगभग 2 - 3%, जिससे रक्तचाप (BP) बढ़ना, आदि बीमारियाँ होती है, तिल, सरसो, मूँगफली, नारियल आदि तेलो मे विद्यमान विटामिन व एंजाइमो के कारण जो विशेष स्वाद व सुगंध होता है वह रिफ़ाइन करने से नष्ट हो जाता है रिफ़ाइन तेलो मे स्वाद सुगंध न होने से मिलावट की आशंका अधिक है ---- महाझूठ - सोयाबीन का तेल बहुत गुणकारी है सत्य - सोयाबीन का तेल पेन्ट और वार्निश मे काम आने वाला तेल है अमेरिकी स्वार्थ के कारण इसका ज़ोर शोर से प्रचार हो रहा...