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Showing posts from March, 2014

Nehru Mistake that forced war on China

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International  »  World Published: April 1, 2014 03:49 IST | Updated: April 1, 2014 03:49 IST Maxwell released report to expose Nehru’s mistakes that forced war on China Ananth Krishnan Veteran Australian journalist Neville Maxwell has said he chose to make public the classified 1962 Sino-Indian war report to “rid Indian opinion of the delusion” that the war had been the result of “an unprovoked Chinese aggression” and to expose mistakes made by Jawaharlal Nehru that “forced the war on China.” In his first comments following his decision to make public last month the still classified Henderson Brooks war report, the release of which was first reported by  The Hindu  and subsequently triggered wide debate on the legacy of the war, Mr. Maxwell told the Hong Kong-based  South China Morning Post  that by doing so he had “deprive[d] the Government of India the excuse they’ve used to keep it secret, the false claim that it was to preser...

हवन चिकित्सा

ओउम यज्ञ से विभिन्न रोगों की चिकित्सा प्रेषक : डा. अशोक आर्य ,मण्डी डबवाली यज्ञ पर्यावरण की शुद्धि का सर्वश्रेष्ठ साधन है | यह वायुमंडल को शुद्ध रखता है | वर्षा होकर धनधान्य की आपूर्ति होती है | इससे वातावरण शुद्ध व रोग रहित होता है |एक ऐसी ओषध है जो सुगंध भी देती है, पुष्टि भी देती है तथा वातावरण को रोगमुक्त रहता है | इसे करने वाला व्यक्ति सदा रोग मुक्त व प्रसन्नचित रहता है | इतना होने पर भी कभी कभी मानव किन्ही संक्रमित रोगाणुओं के आक्रमण से रोग ग्रसित हो जाता है | इस रोग से छुटकारा पाने के लिए उसे अनेक प्रकार की दवा लेनी होती है | हवन यज्ञ जो बिना किसी कष्ट व् पीड़ा के रोग के रोगाणुओं को नष्ट कर मानव को शीघ्र निरोग करने की क्षमता रखते हैं | इस पर अनेक अनुसंधान भी हो चुके हैं तथा पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं | डा. फुन्दन लाल अग्निहोत्री ने इस विषय में सर्वप्रथम एक सुन्दर पुस्तक लिखी है "यज्ञ चिकित्सा' | संदीप आर्य ने यज्ञ थैरेपी नाम से भी एक पुस्तक लिखी है | इस पुस्तक का प्रकाशन गोविंद राम हासानंद ४४०८ नयी सड़क दिल्ली ने किया है | इन पुस्तकों में अनेक जड़ी बूटियों का ...

आयुर्वेद चिकित्सा किया हैं ?

आयुर्वेद चिकित्सा दो प्रकार से की जाती थी- (अ) शोधन-पंचकर्म द्वारा, ये निम्न हैं- (१) वमन- मुंह से उल्टी करके दोष दूर करना, (२) विरेचन-मुख्यत: गुदा मार्ग से दोष निकालना, (३) बस्ति (एनीमा) (४) रक्तमोक्षण-जहरीली चीज काटने पर या शरीर में खराब रक्त कहीं हो, तो उसे निकालना। (५) नस्य- नाक द्वारा स्निग्ध चीज देना (ब) शमन- औषधि द्वारा चिकित्सा, इसकी परिधि बहुत व्याप्त थी। आठ प्रकार की चिकित्साएं बताई गई हैं। (१) काय चिकित्सा-सामान्य चिकित्सा (२) कौमार भृत्यम्‌-बालरोग चिकित्सा (३) भूत विद्या- मनोरोग चिकित्सा (४) शालाक्य तंत्र- उर्ध्वांग अर्थात्‌ नाक, कान, गला आदि की चिकित्सा (५) शल्य तंत्र-शल्य चिकित्सा (६) अगद तंत्र-विष चिकित्सा (७) रसायन-रसायन चिकित्सा (८) बाजीकरण-पुरुषत्व वर्धन औषधियां:- चरक ने कहा, जो जहां रहता है, उसी के आसपास प्रकृति ने रोगों की औषधियां दे रखी हैं। अत: वे अपने आसपास के पौधों, वनस्पतियों का निरीक्षण व प्रयोग करने का आग्रह करते थे। एक समय विश्व के अनेक आचार्य एकत्रित हुए, विचार-विमर्श हुआ और उसकी फलश्रुति आगे चलकर ‘चरक संहिता‘ के रूप में सामने आई...

सनातन धर्म में सनातन क्या है ?

सनातन धर्म में सनातन क्या है ? हम आज बहुत गर्व से राम-कथा में अथवा भागवत-कथा में, कथा के अंत में कहते हैं , बोलिए --- सत्य सनातन धर्म कि जय । तनिक विचारें ? सनातन का क्या अर्थ है ? सनातन अर्थात जो सदा से है, जो सदा रहेगा, जिसका अंत नहीं है और जिसका कोई आरंभ नहीं है वही सनातन है। और सत्य में केवल हमारा धर्म ही सनातन है, यीशु से पहले ईसाई मत नहीं था, मुहम्मद से पहले इस्लाम मत नहीं था। केवल सनातन धर्मं ही सदा से है, सृष्टि के आरंभ से । किन्तु ऐसा क्या है हिंदू धर्मं में जो सदा से है ? श्री कृष्ण की भागवत कथा श्री कृष्ण के जन्म से पहले नहीं थी अर्थात कृष्ण भक्ति सनातन नहीं है । श्री राम की रामायण तथा रामचरितमानस भी श्री राम जन्म से पहले नहीं थी अर्थात श्री राम भक्ति भी सनातन नहीं है । श्री लक्ष्मी भी, (यदि प्रचलित सत्य-असत्य कथाओ के अनुसार भी सोचें तो), तो समुद्र मंथन से पहले नहीं थी अर्थात लक्ष्मी पूजन भी सनातन नहीं है । गणेश जन्म से पूर्व गणेश का कोई अस्तित्व नहीं था, तो गणपति पूजन भी सनातन नहीं है । शिव पुराण के अनुसार शिव ने विष्णु व ब्रह्मा को बनाया तो विष्णु भक्ति व ब्रह्मा भक्...

This Guy Started With Nothing. What He Had Just 6 Weeks Later Made Me Ridiculously Jealous!

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When most people imagine their  dream home , they probably think of a large, sprawling  vacation house  that cost  hundreds of  thousands of dollars. When  Steve Areen  thought about building hisdream home, all he had to do was find $9,000 and a place to build. He did just that and, in a few weeks, he had a  vacation home  in the middle of Thailand that could make anyone drool.   In just 6 weeks, Steve was able to create the home of his dreams. Steve Areen With a Thai friend’s guidance, his son-in-law’s masonry skills and a lot of work, the team made progress quickly. Steve Areen Steve was given a place on his friend Hajjar Gibran’s mango grove to build his home. Steve Areen The basic structure only cost about $6,000. Steve Areen In Thailand, materials are cheaper, but it’s still mind blowing to know just how little this cost to make. Steve Areen The extra details and furnishings o...

टांगीनाथ धाम

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परशुराम ने जिस जगह फरसे को गाड़ कर शिव जी की अराधना की थी..... वो आज वह वह दिव्यास्त्र जिससे परशुरामजी ने धरती से सोलह बार म्लेच्छों(नीच कर्म में लिप्त क्षत्रिय) को समाप्त किया था वह परसा या फरसा आधुनिक झारखंड राज्य की राजधानी रांची के समीप ..... गुमला जिले में स्थित डुमरी प्रखंड के ......मझगांव में स्थित है। .. झारखंड एक आदिवासी बहुत क्षेत्र है और ... झारखण्ड में में फरसा को टांगी कहा जाता है.... ..इसलिए, कालांतर में इस स्थान का नाम टांगीनाथ धाम पड़ गया....।इन जंगलों में भगवान परशुराम ...... बगल में अपना परशु अर्थात फरसे को गाड़ कर..... भगवान शिव की स्थापना कर आराधना करने लगे....... !जमीन में करीब 17 फीट धंसे इस फरसे की ऊपरी आकृति कुछ त्रिशूल से मिलती-जुलती है..... इसलिए, स्थानीय लोग इसे त्रिशूल भी कहते हैं। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि...... इसमें कभी जंग नहीं लगता एवं खुले आसमान के नीचे धूप, छांव, बरसात, ठंड का कोई असर इस त्रिशूल पर नहीं पड़ता है......और, अपने इसी चमत्कार के कारण यह विश्वविख्यात है। और.... इस टांगीनाथ धाम में .....आज भी इस इलाके में 10 से 15 किमी की परिधि में इस जा...

Story - उपयोगिता

उपयोगिता - एक राजा था। उसने आज्ञा दी कि संसार में इस बात की खोज की जाय कि कौन से जीव-जंतु निरुपयोगी हैं। बहुत दिनों तक खोज बीन करने के बाद उसे जानकारी मिली कि संसार में दो जीव जंगली मक्खी और मकड़ी बिल्कुल बेकार हैं। राजा ने सोचा, क्यों न जंगली मक्खियों और मकड़ियों को ख़त्म कर दिया जाए। इसी बीच उस राजा पर एक अन्य शक्तिशाली राजा ने आक्रमण कर दिया, जिसमें राजा हार गया और जान बचाने के लिए राजपाट छोड़ कर जंगल में चला गया। शत्रु के सैनिक उसका पीछा करने लगे। काफ़ी दौड़-भाग के बाद  राजा ने अपनी जान बचाई और थक कर एक पेड़ के नीचे सो गया। तभी एक जंगली मक्खी ने उसकी नाक पर डंक मारा जिससे राजा की नींद खुल गई। उसे ख़याल आया कि खुले में ऐसे सोना सुरक्षित नहीं और वह एक गुफ़ा में जा छिपा। राजा के गुफ़ा में जाने के बाद मकड़ियों ने गुफ़ा के द्वार पर जाला बुन दिया। शत्रु के सैनिक उसे ढूँढ ही रहे थे। जब वे गुफ़ा के पास पहुँचे तो द्वार पर घना जाला देख कर आपस में कहने लगे, "अरे! चलो आगे। इस गुफ़ा में वह आया होता तो द्वार पर बना यह जाला क्या नष्ट न हो जाता।" गुफ़ा में छिपा बैठा राजा ये बातें सुन रह...

40 Must-See Photos From The Past …

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#1. Woman With A Gas-Resistant Pram, England, 1938 #2. Unpacking the head of  the Statue of Liberty , 1885 #3. Elvis in the Army, 1958 #4. Animals being used as part of medical therapy, 1956 #5. Testing of new  bulletproof vests , 1923 #6. Charlie Chaplin at age 27, 1916 #7. Hindenburg Disaster, May 6, 1937 #8. Circus hippo pulling a cart, 1924 #9. Annette Kellerman promotes women’s right to wear a fitted one-piece bathing suit, 1907. She was arrested for indecency #10. Annie Edison Taylor, the first person to survive going over Niagara Falls in a barrel, 1901 #11. 106-year-old Armenian Woman guards home, 1990 #12. Baby cages used to ensure that children get enough sunlight and fresh air when living in  an apartment building , ca. 1937 #13. The original Ronald McDonald, 1963 #14. Disneyland Employee Cafeteria in 1961 #15. Advertisement for Atabrine, anti-malaria drug, in Papua, New Guinea during WWII #16. Soldier shares a banana with a goat during the battle of Saipan, ...