गांधीजी की किताबों से सत्याग्रह तक: अंग्रेजों के सहयोग से ब्रिटिश शासन के विरोध और खिलाफत आंदोलन की पूरी कहानी
महात्मा गांधी: किताबों से विचारों तक और ब्रिटिश शासन के विरोध तक का सफर महात्मा गांधी को आज हम मुख्य रूप से सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह और ब्रिटिश शासन के विरोध के लिए जानते हैं। लेकिन गांधीजी के राजनीतिक जीवन की शुरुआत को देखें तो कहानी काफी अलग दिखाई देती है। एक समय गांधीजी ने ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति सहयोग की भावना दिखाई थी। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटिश अभियानों के दौरान भारतीय स्वयंसेवकों की Ambulance और Stretcher-Bearer सेवाओं में भूमिका निभाई। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भी उन्होंने ब्रिटेन के युद्ध प्रयासों के लिए भारतीय सहयोग का समर्थन किया। फिर ऐसा क्या हुआ कि वही गांधीजी कुछ वर्षों बाद ब्रिटिश शासन के सबसे प्रमुख विरोधी नेताओं में शामिल हो गए? और उनकी पढ़ी हुई किताबों ने उनके विचारों को किस प्रकार प्रभावित किया? इस कहानी को समझने के लिए गांधीजी के विचारों और राजनीतिक यात्रा को क्रम से देखना जरूरी है। गांधीजी की सोच पर किन किताबों का प्रभाव पड़ा? गांधीजी केवल किताबें पढ़ने वाले व्यक्ति नहीं थे। वे पढ़े हुए विचारों को अपने जीवन में प्रयोग करने की कोशिश करत...