प्रश्न: आध्यात्म में होने से मेरे मित्र मेरा मजाक उड़ाते हैं। मुझे क्या करना चाहिए ? श्री श्री रवि शंकर: मुस्कुराते हुये आप उनसे कहे कि “तुम को नहीं पता कि तुम कितनी महान चीज़ से वंचित हो रहे हो” | “वैसे भी एक दिन तुम भी इस पथ पर आ ही जाओगे, यह सिर्फ समय की बात है” | “पाँच वर्ष उपरान्त तुम भी ज्ञान के इस पथ पर आ जाओगे” | “मैं हर बार सबसे पहला व्यक्ति हूँगा, मैं पहले स्वाद लेता हूँ और फिर जो बच जाता है तुम उसे लेते हो” | यदि आपका कोई मज़ाक उड़ाता है फिर भी आप मुस्कुराते रहें और अपनी मुस्कराहट को न खोएं | उनसे कहे कि “यह सिर्फ कुछ वर्षों की बात है, तुम भी यही सब करोगे” | “तुम्हे तो बासी खाना खाने का शौक है, और मैं अभी ताज़े भोजन का लुफ्त उठा रहा हूँ | अपमान तुम्हें निर्बल नहीं बनाता , तुम्हें प्रबल बनाता है। तुम जितने अहंकारी हो, उतना अपमान महसूस करोगे। जब तुम बच्चों की तरह सहज रहते हो और आत्मीयता रखते हो, तब अपमान नहीं महसूस करते। जब तुम इस सृष्टि के, ईश्वर के प्रेम में ओत प्रोत हो, तुम्हारा कोई अपमान नहीं हो सकता। दुखी होने का केवल इतना अर्थ है कि विवेक ...