जेनरिक, सस्ती और ब्रांडेड दवाओं का सच :: - From Facebook by Deepak Purulia
जेनरिक, सस्ती और ब्रांडेड दवाओं का सच :: एक बार एक टी.वी. शो में कुछ आधे-अधूरे तथ्यों एवं बिना विषय से सम्बंधित उपयुक्त एवं un biased विशेषज्ञों को साथ लिए, सभी भारतीय चिकित्सकों की लगभग खिल्ली उड़ाते हुए, उनके द्वारा मरीजों को लिखे जाने वाली अच्छी कम्पनी की ब्रांडेड दवाओं के बारे में कुछ भ्रान्ति प्रचारित एवं प्रसारित की गयी. यही नहीं बाज़ार में 'जेनरिक नाम' से मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता को किसी भी ब्रांडेड दवा के समकक्ष दिखाया बताया गया. दरअसल ये एक सोची समझी और चिकित्सकों की प्रतिष्ठा को गिराने की और आम जन मानस से सस्ती लोकप्रियता बटोरने की गन्दी नियत से की गयी एक कोशिश थी ..... !! देश के सभी लोगों को इस विषय में "सच" को जानने की आवश्यकता है. आइये इसे समझते हैं ;🎋 किसी भी 'दवा' में आमतौर पर '2 प्रकार के रसायन' होते हैं - 1- API - (Active Pharmaceutical Ingredient) 'मुख्य अथवा सक्रीय दवा भाग' और.... 2- Binder - जो कि उपरोक्त मुख्य सक्रीय दवा के साथ उसके स्थायीकरण(stabilization) हेतु मिलाया जाता है. अब "तथ्य" कुछ ...