Posts

Showing posts from June, 2019

आखिर RSS की स्थापना क्यों हुई

❓❓ आखिर RSS की स्थापना  क्यों हुई ? ❓❓ इस प्रश्न का उत्तर पूरा पढ़िए...... संसद में मोदी जी ने हामिद मियां पर तंज कसते हुए कहा था कि आपके परिवार के लोगों ने खिलाफत आंदोलन में भाग लिया था, जिस पर हामिद मियां खींसे निपोरते रह गए ! तो क्या था यह खिलाफत आंदोलन ! जिसे सुनते ही हामिद मियां और कांग्रेस असहज हो उठी ? जानने के लिए पूरी पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें। खिलाफत जानने से पहले आइए पहले जरा खलीफा को जान लें । खलीफा एक अरबी शब्द है जिसे अंग्रेज़ी में Caliph (खलीफ) या अरबी भाषा मे Khalifah (खलीफा) कहा जाता है, तो कौन होता है खलीफा ? खलीफा मुसलमानों का वह धार्मिक शासक (सुल्तान) होता है, जिसे मुसलमान मुहम्मद साहब का वारिस या Successor मानते हैं । खलीफा का काम होता है युद्ध करके पूरे विश्व पर इस्लाम का निज़ाम कायम करना (जो कश्मीर में बुरहान वानी करना चाहता था), यानी इस्लाम की ऐसी हुकूमत कायम करना, जिसमे इस्लामिक यानी शरीया कानून चले और जिसमें इस्लाम के अलावा किसी और धर्म की इजाजत नही होती है ? जितने हिस्से या राज्य पर खलीफा राज करता है उसे Caliphate यानी अरबी भाषा में Khilafa (खिलाफ...

समाज के लिए विचारणीय ... TODAY'S SOCIETY MUST THINK

समाज के लिए विचारणीय (1) आज काफी लड़कियो के माँ बाप अपनी बेटियो की शादी मे बहुत विलंब  कर रहे है ,उनको अपने बराबरी के रिश्ते पसंद नही आते और जो बड़े घर पसंद आते है उनको लड़की पसंद नही आती, शादी की सही उम्र 18 से 22 तक है पर आज माँ बाप ने और अच्छा करते करते  उम्र 28 से 36 कर दी है । जिससे उनकी बेटियो के चेहरे की चमक भी कम होती जाती है । और अधिक उम्र में  शादी होने के उपरांत वो लड़का उस लड़की को वो प्यार नही दे पाता जिसकी  हकदार वो लड़की है । किसी भी समाज मे 30% डिवोर्स की वजह यही दिखाई दे रही है । आज जीने की उम्र छोटी हो चुकी है पहले की तरह 100+ या 80+ नही होती, अब तो केवल 65+ तक जीने को मिल पायेगा इसी वजह से आज लड़के उम्र से पहले ही बूढ़े नजर आते है सर गंजा हो जाता है ।     (2) आज लड़की ओर लड़के वाले दोनों पक्ष बच्चों के पैकेज पर ध्यान दे रहे है बजाए संस्कारों के...अगर पैकेज बराबर का नहीं मिलता तो हम माँ बाप उसको inferiority का नाम दे देते है.. अगर बच्चा संस्कारी है.. शिक्षित हैं.. आपके बच्चे के अनुरूप है तो पैसा तो भविष्य मे वो कमा ही लेंगे... हमे अच्छा जीवनसा...

Hindu religion knowledge

. पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं - 1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन 4. नकुल।      5. सहदेव ( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है ) यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी । वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र….. कौरव कहलाए जिनके नाम हैं - 1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह 4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम 7. सह            8. विंद         9. अनुविंद 10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण 13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण 16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान 19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र 22...

STORY - ADI SHANKARACHARYA & LOST NEEDLE

One night Sri Adi Shankaracharya, the great Advaita Master, was desperately searching for something on the street outside his small hut. When his pupil returned from his errand, he saw this and curiously asked the Master, “Aacharya, what are you looking for here on the street at this hour?” Shankaracharya replied, “I lost my needle, I am looking for it.” The pupil joined him in the search, but after searching for a while, he asked, “Can you try and recollect where you might have dropped it?” Shankaracharya said, “Of course, I remember. I dropped it near the bed in the hut.” The pupil, utterly astonished at the strange answer, said, “Aacharya, you say you lost it inside the house, then why are we looking for it outside?” Shankaracharya innocently replied, “There is no oil left in the lamp, so it is pitch dark inside the house. Hence I thought of searching for it outside, since there is enough street light here.” While holding back his laugh, the pupil said, “If you lost y...

Inspirational Activity

एक बार पचास लोगों का ग्रुप।  किसी मीटिंग में हिस्सा ले रहा था। मीटिंग शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट बीते थे कि  स्पीकर अचानक ही रुका और सभी पार्टिसिपेंट्स को गुब्बारे 🏉देते हुए बोला , ” आप सभी को गुब्बारे पर इस मार्कर से अपना नाम लिखना है। ” सभी ने ऐसा ही किया। अब गुब्बारों को एक दुसरे कमरे में रख दिया गया। स्पीकर ने अब सभी को एक साथ कमरे में जाकर पांच मिनट के अंदर💫✨💥 अपना नाम वाला गुब्बारा ढूंढने के लिए कहा। सारे पार्टिसिपेंट्स तेजी से रूम में घुसे और पागलों की तरह अपना नाम वाला गुब्बारा ढूंढने लगे। पर इस अफरा-तफरी में किसी को भी अपने नाम वाला गुब्बारा नहीं मिल पा रहा था… 5 पांच मिनट बाद सभी को बाहर बुला लिया गया। स्पीकर बोला , ” अरे! क्या हुआ , आप सभी खाली हाथ क्यों हैं ? क्या किसी को अपने नाम वाला गुब्बारा नहीं मिला ?” ” नहीं ! हमने बहुत ढूंढा पर हमेशा किसी और के नाम का ही गुब्बारा हाथ आया…”, एक पार्टिसिपेंट कुछ मायूस होते हुए बोला। 🏉“कोई बात नहीं , आप लोग एक बार फिर कमरे में जाइये , पर इस बार जिसे जो भी गुब्बारा मिले उसे अपने हाथ में ले और उस...

दामाद / जवाई :- तब और अब

दामाद / जवाई :- तब और अब 1. पहले के जवांई के जब आने का पता चलता तो ससुर जी दाढ़ी बनाकर और नए कपङे पहनकर स्वागत के लिए कम्पलीट रहते थे। 😂😂 2. जवांई आ जाते तो बहुत मान मनवार मिलती और छोरी दौड़कर रसोई में घुस जाती थी। सासुजी पानी पिलाती और धीरे से कहती :- “आग्या कांई" ? 😄😄 3. आने का समाचार मिलते ही गली मोहल्ले के लोग चाय के लिए बुलाते थे, और काकी सासुजी या भाभियां तो आटे का हलवा भी बनाती थी । 😝😝 4. जवांई खुद को ऐसा महसूस करता था कि वो पूरे गांव का जवांई है । 😛 5. जवांई के घर में आने के बाद घर के सब लोग डिसिप्लिन में आ जाते थे । 😝 6. जवांई बाथरूम से निकलते तो उनके हाथ सन्तूर साबुन से धुलवाते, भले खुद उजाला साबुन से नहाते थे । 😜 7. जवांई अगर रात में रुक जाते तो सुबह उनका साला पेस्ट और ब्रश हाथ में लेकर आस पास घूमता रहता था । 😂 8. जब जवांई का अपनी बीवी को लेकर जाने का समय हो जाता तो वो स्कूटर को पहले गैर में डालकर भन्ना भोट निकालते थे, जिससे उनका ससुराल में प्रभाव बना रहता था । 😁 . अब आज के जवांई की दुर्दशा :- . 1. आज के जवांई से कोई भी लुगाई लाज नही...

STORY - Chairman TATA Steel and PROBLEM

Chairman, TATA Steel was holding a weekly meeting with Tata Steel staff  in Jamshedpur. A worker took up a serious issue. He said the quality and hygiene of toilets for the workers was very bad. Whereas, he  pointed that the cleaniness and the hygiene of executive toilets was always very good. Chairman asked his top executive how much time he needs to set it right. The executive asked for a month to set it right. Chairman said "I would rather do it in a day. Send me a carpenter." Next day, when the carpenter came, he ordered the sign boards to be swapped. The sign board on the workers’ toilet displayed "Executives" and the Executives’ toilet displayed "Workers”. Chairman then instructed this sign to be changed every fortnight. The quality of both the toilets came at par in the next three days. The Leadership is something much more than being an Executive Learning from this message : - Problem identification requires critical thinking But -...

कुर्ते के साथ पायजामा पहना जाता है लेकिन पठानी कुर्ते और सलवार की जोड़ी क्यों है,?

कुर्ते के साथ पायजामा पहना जाता है लेकिन पठानी कुर्ते और सलवार की जोड़ी क्यों है,? आइए सुनाता हूं हिन्दू वीरों की ये गौरव गाथा मेरे देशभक्त भाइयो को।              मुस्लिमों के रोज रोज के झगड़ों और औरतों व बच्चों पर अत्याचारों से परेशान होकर महाराजा रणजीत सिंह के सेनापति हरी सिंह नलवा ने मुस्लिमों को उनकी औकात बताने के लिये अफगानिस्तान पर आक्रमण कर दिया और मुस्लिमों को गाजर मूली की तरह काटा और अफगानिस्तान पर अधिकार कर लिया और हजारों मुस्लिमों को बंदी बनाकर एक बाड़े में कैद कर दिया कि कल इन सबको काट देंगे ताकि ना रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी, कैदी मुस्लिमों की बीवियां आकर रोने लगीं और अपने शौहरों और बेटों की जान बख्शने की विनती करने लगीं तथा हिन्दू धर्म का वास्ता देने लगीं.... आखिर नारी जाति को रोते देख हरी सिंह नलवा जी का हृदय पसीज गया और उन्होंने कहा कि ठीक है कल तुम सब बाड़े के सामने अपनी-अपनी एक एक सलवार ले कर पहुँच जाना, जिसका पति सलवार पहन लेगा उसे जाने दिया जायेगा।     अगले दिन 2 मुस्लिमों ने बिना सलवार पहने बाड़े से बाहर कदम रखा और साथ ...

CAPITALISM - AMBANI VS AMBANI

Interesting!!!!!! When the Dhirubhai Ambani business empire was divided between Mukesh and Anil Ambani, Anil started with a net worth of USD 31,000,000,000. In just over a decade, he has lost 99% of his net worth, haemorrhaging at the rate of Rs. 58 crores per day for 123 months... The younger brother defaulted loan & sold company to elder brother to repay loan. The elder brother took loan from same bank to take over the younger brother's company. Now the bank got reduced NPA with stronger loan book. Nothing came or gone despite everything got good. Company Share prices got doubled in a week. Mukesh allowed Anil to announce bad news and drop the share prices. The public sold off and Mukesh bought the shares (through loan) at dead cheap prices. Now prices are high. He pays off the loan to the bank by transferring it shares or with partners/partial sell in public. He has a company at zero cost. Now who is the loser ? Anil Ambani - No ( He got sufficient money to pa...

CYCLIST IS A DISASTER FOR THE COUNTRY'S ECONOMY - MUST READ

Hilarious but true too Sanjay Thakrar, CEO at Euro Exim Bank Ltd.  got economists thinking when he said : A cyclist is a disaster for the country's economy - He does not buy the car & does not take car loan - Does not buy car insurance - Does not buy Fuel - Does not send his car for servicing & repairs - Does not use paid Parking - Does not become Obese - Yes,.....and well, damn it !!  Healthy people are not needed for economy. They do not buy drugs. They do not go to Hospitals & Doctors. They add nothing to country's GDP. On the contrary, every new McDonald outlet creates at least 30 jobs - 10 Cardiologists, 10 Dentists, 10 weight loss experts apart from people working in McDonald outlet. Choose wisely: A Cyclist or a McDonald ? Worth thinking. 🤔🤔😀😀

STORY - बड़प्पन

बड़प्पन मायके आयी रमा, माँ को हैरानी से देख रही थी। माँ बड़े ध्यान से आज के अखबार के मुख पृष्ठ के पास दिन का खाना सजा रही थी।  दाल, रोटी, सब्जी और रायता।  फिर झट से फोटो खींच व्हाट्सप्प करने लगीं। "माँ ये खाना खाने से पहले फोटो लेने का क्या शौक हो गया है आपको ?" "अरे वो जतिन बेचारा, इतनी दूर रह हॉस्टल का खाना ही खा रहा है। कह रहा था की आप रोज  लंच और डिनर के वक्त अपने खाने की तस्वीर भेज दिया करो उसे देख कर हॉस्टल का खाना खाने में आसानी रहती है। " "क्या माँ लाड-प्यार में बिगाड़ रखा है तुमने उसे।  वो कभी बड़ा भी होगा या बस ऐसी फालतू की जिद करने वाला बच्चा ही बना रहेगा  !" रमा ने  शिकायत की। रमा ने खाना खाते ही झट से जतिन को फोन लगाया। "जतिन माँ की ये  क्या ड्यूटी लगा रखी है?  इतनी दूर से भी माँ को तकलीफ दिए बिना तेरा दिन पूरा नहीं होता क्या ?" "अरे नहीं दीदी ऐसा क्यों कह रही हो।  मैं क्यों करूंगा माँ को परेशान ?" "तो प्यारे भाई ये लंच और डिनर की रोज फोटो क्यों मंगवाते हो ?" बहन की शिकायत सुन जतिन हंस पड़ा।  फिर कु...

WHY EMERGENCY IN INDIA

44 साल पहले लगे आपातकाल की वो बातें, जो हर देशवासी को जरूर जाननी चाहिए भारत के इतिहास में 25 जून की तारीख बेहद अहम है। आज से 44 साल पहले वर्ष 1975 में 25 जून को ही देश में आपातकाल लागू किया गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत देश में आपातकाल की घोषणा की थी। 26 जून 1975 की सुबह पूरे देश को रेडियो पर इंदिरा गांधी की आवाज में यह संदेश मिला। इंदिरा ने कहा था, 'भाइयों और बहनों, राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है। इससे आतंकित होने की जरूरत नहीं है।'  क्यों बनी आपातकाल की परिस्थिति आपातकाल का मुख्य कारण इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले को बताया जाता है। उस फैसले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव प्रचार अभियान में कदाचार का दोषी करार दिया गया था। दरअसल, 1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी बड़े अंतर से जीती थीं। पार्टी को भी बड़ी जीत दिलाई थी। प्रतिद्वंद्वी राजनारायण ने इंदिरा की जीत पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। राजनारायण ने अ...

Wonderful questions to your General Knowledge

Wonderful questions to  your General Knowledge 3.  How many teaspoons make a Table spoon? 4 . How many Vedas are there in Hindu Mythology? 6.  How many countries have larger area than India? 7.  What is the Ph value of water? 8.  How many planets are there in Solar System? 9. How many players in a baseball team? 10. How many  Millimetres make a Centimetre? 11. How many players are there in a Football team? 12. How many inches make a feet? 15. One-time vehicle tax is valid for how many years? 16. How many feathers are there in a shuttle cock? 17. How many languages are printed in an Indian Currency? 18. How many Chapters are there in Mahabharatha? 19. Which Commonwealth Game was hosted in India in 2010? 20. How many overs per team are there in T-20 cricket?  21. How many years did Mahatma Gandhi spend in South Africa? 23. How many chromosomes are there in human body? 24. How many spokes are there in an Ashoka Chakra?...

KANPUR - कानपुर

Image
हमारे कानपुर के मित्रों के लिये🌹🌹🌹 जो परमट आनंद को जी ले अमरनाथ भी न फिर भाता मंदिर भैरों बाबा घूमें मुक्ति उसी घाट पे पाता रह लो चाहे सिंगापुर में ख़्वाब में पर कानहैपूर आता हमको तो बस कानपुर भाता दुबई की वो बीच साइड हो पर वो मोती झील कहाँ है लंदन का बिगबैन घूम लो  लाल इमली सी मील कहाँ है रास्ता बस एक पूछ के देखो कनपुरिया घर छोड़ के आता हमको तो बस कानपुर भाता चख लो तुम फ़्राइड राइस भले ही बिरयानी बाबा तो अलग है सागर रत्ना स्वाद ठीक है ज्ञान वैष्णो ढाबा तो अलग है हनुमान चाट को जो चख ले बस जीभ न उसकी कुछ चढ़ पाता हमको तो बस कानपुर भाता बिजली गई तो शोर मचाया आयी जो वापस और मचाया मज़ा दोगुना जीआ था हमने बचपन को पुरज़ोर सजाया बीएसईएस का मज़ा कहाँ है कैस्को से जो मिल के आता हमको तो बस कानपुर भाता बड़े से दिल सा बड़ा चौराहा  हटिया के पकवान कहाँ कहाँ मिलेंगे अब बरखंडेश्वर पनकी के हनुमान कहाँ नवीन मार्केट की मस्ती और बिठूर घाट का चैन कहाँ पी रोड के चाट बताशे अरमापुर सी रैन कहाँ रामगंज के गलियारे से गरम मसाला स्वाद चढ़ाता हमको तो बस कानपु...

STORY -पद्मपुराण में एक कथा

पद्मपुराण में एक कथा है- एक बार एक शिकारी शिकार करने गया,शिकार नहीं मिला, थकान हुई और एक वृक्ष के नीचे आकर सो गया। पवन का वेग अधिक था, तो वृक्ष की छाया कभी कम-ज्यादा हो रही थी, डालियों के यहाँ-वहाँ हिलने के कारण। वहीं से एक अतिसुन्दर हंस उड़कर जा रहा था, उस हंस ने देखा की वह व्यक्ति बेचारा परेशान हो रहा हैं, धूप उसके मुँह पर आ रही हैं तो ठीक से सो नहीं पा रहा हैं, तो वह हंस पेड़ की डाली पर अपने पंख खोल कर बैठ गया ताकि उसकी छाँव में वह शिकारी आराम से सोयें। जब वह सो रहा था तभी एक कौआ आकर उसी डाली पर बैठा, इधर-उधर देखा और बिना कुछ सोचे-समझे शिकारी के ऊपर अपना मल विसर्जन कर वहाँ से उड़ गया। तभी शिकारी उठ गया और गुस्से से यहाँ-वहाँ देखने लगा और उसकी नज़र हंस पर पड़ी और उसने तुरंत धनुष बाण निकाला और उस हंस को मार दिया। हंस नीचे गिरा और मरते-मरते हंस ने कहा:- मैं तो आपकी सेवा कर रहा था, मैं तो आपको छाँव दे रहा था, आपने मुझे ही मार दिया? इसमें मेरा क्या दोष? उस समय उस पद्मपुराण के शिकारी ने कहा: यद्यपि आपका जन्म उच्च परिवार में हुआ, आपकी सोच आपके तन की तरह ही सुंदर हैं, आपके संस्कार शुद्ध हैं, ...

Not Sure How to Grow Your Team? Focus on These 3 Things.

Rather than hoping for unicorn status, you need a plan that takes into account three key elements crucial to growing your team: culture, tech and training. Maybe you’ve just secured a round of funding or onboarded some high-paying new customers. You're excited about this major milestone and can’t wait to start scaling your business. Gradually, though, it dawns on you that you aren’t exactly sure what that means. Sure, you’ve had internal discussions with your team about people you’d love to bring on, and you’ve assured investors that a chunk of that fresh cash would be used to hire the best and brightest minds to take you to new heights. But talented people aren’t always easy to come by -- and you may need lots of them -- immediately. Worse still, hiring the wrong people can instantly kill your momentum; and uncontrolled, unsupervised growth can leave you with a company that bears little resemblance to the one you started. Now, you might think looking to your competition f...