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Showing posts from January, 2014

What to do during Pregnacy?

गर्भधारण से लेकर शिशु जन्म तक गर्भवती माता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देँ । गर्भवती को चाहिए कि वो पौष्टिक आहार ही ले, प्रसन्न रहे । कोई वैज्ञानिक सद्ग्रन्थ अवश्य पढ़े जैसे सत्यार्थ प्रकाश, चाणक्य नीति, भगवत गीता, नाड़ी विज्ञान, मनुस्मृति, सँस्कृत स्वयँ शिक्षक, मानस पियूष, वैदिक गणित, अष्टाङ्ग योग, मर्म चिकित्सा आदि । शास्त्रीय सँगीत सुनेँ । माँ के द्वारा गर्भकाल मेँ किया गया चिँतन गर्भस्त शिशु के चेतन मस्तिष्क पर स्वतः अँकित हो जाता है । महाभारत का अभिमन्यु तो याद है ना आपको?  आयुर्वेद मेँ वर्णित इस विज्ञान पर जापान, जर्मनी, अमरीका आदि देशोँ मेँ बहुत काम हो रहा है । गर्भ से लेकर 7वेँ महीने तक सिलबट्टे के नियमित प्रयोग से माताओँ को प्रसव हेतु सर्जरी की जरूरत नहीँ पड़ती और बिना सर्जरी के जन्म लेने वाले शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता सर्जरी से जन्मे शिशु की तुलना मेँ बहुत अधिक होती है । आज आप किसी भी शिशुचिकित्सालय मेँ जाकर देख सकते हैँ । आए हुए बीमार बच्चोँ मेँ अधिकाँश बच्चे शल्यप्रसव अर्थात सिजेरियन होगेँ ।

STORY - I do Not Understand BHAGWAT GEETA

 Story:  An old Farmer lived on a farm in the mountains with his young grandson.Each morning  Grandpa was up early sitting at the kitchen table  reading his Bhagavat Geeta. His grandson  wanted to be just like him and tried to imitate him in every way he could. One day the  grandson asked, "Grandpa! I try to read the Bhagavat Geeta just like you but I don't  understand it, and what I do understand I forget   as soon as I close the book. What good  does reading the Bhagavat Geeta do?" The Grandfather quietly turned from putting coal in  the  stove and replied, "Take this coal basket down to the river and bring me back a basket  of water." The boy did as he was told, but all  the  water leaked out before he got back to  the  house. The grandfather laughed and said, "You'll have to move a little faster next  time,"  and sent him back to the river with the basket to try again. T...

तुंगनाथ शिव मंदिर. Tungnath : Highest Shiva shrine in the world

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जाने तुंगनाथ के बारे में..  Tungnath : Highest Shiva shrine in the world १. विश्व का सबसे ऊंचाई पर बना शिव मंदिर. २. यहां पर शिव के ह्रदय और बाहों की पूजा होती है. ३. समुद्रतल से इस मंदिर की ऊंचाई 12000 फीट से अधिक है. ४. इस मंदिर की पूजा का दायित्व यहीं के एक स्थानीय व्यक्ति को .....दिया गया है. ५. चन्द्रशिला में भगवान राम, रावण का वध करने के बद ब्रह्माहत्या शाप से ....मुक्ति पाने के लिये उन्होनें यहां पर शिव की तपस्या की थी. ६. यहां से बद्रीनाथ, नीळकंठ, पंचचूली, सप्तचूली, बंदरपूंछ, हाथी पर्वत, गंगोत्री व यमनोत्री के दर्शन भी होते है. ७. पञ्च केदार में तृतीय केदार. ८. तुंगनाथ ( चोटियों का स्वामी ) ९. यहाँ बिना पूंछ वाला चूहा मिलता है जिसे रुंडा कहते हैं, और यहाँ बुरांस का ....रंग गुलाबी या सफ़ेद होता है