संस्कृति -(महाकुम्भ का वैज्ञानिक सिद्धांत)scientific theory of mahakumbh
महाकुम्भ का वैज्ञानिक सिद्धांत
सूर्य 14 जनवरी 2013 मंगलवार को रात्रि में लगभग 8 बजे मकर राशि में प्रवेश करेगा। तथा 14 मार्च
2013 शुक्रवार को रात में कुम्भ राशि को छोड़ देगा।
वास्तव में मकर एवं कुम्भ राशियाँ दोनों ही शनि ग्रह की राशियाँ हैं। ये दोनों राशियाँ भयंकर अन्धकार
सतह वाली राशियाँ हैं। कक्ष्या में बहुत दूर स्थित होने के कारण यह घुर्णन ऊर्जा (Kinetic Energy) बहुत
ही अल्प मात्रा में उत्पन्न कर पाटा है। इसके अलावा इसकी सतह कार्बोफेनाथिलिक मेथोडाक्साइड से बनी
होने के कारण सूर्य से निकलने वाली परावैगनी किरणों (Ultraviolet rays) को बहु आयाम (Multi
Prospect) बनाकर पृथ्वी की तरफ मोड़ देती है। परिणाम स्वरुप पृथ्वी के प्राणियों के शरीर के अन्दर की
श्रोणि मेखला (Pelvic Girdle) एवं सुषुम्ना (Spinal Chord) के प्रत्यावर्ती द्रव्यों (Fluids) के केन्द्रीय अम्ल
(Nucleic Acid) आवेश रहित (Discharged) हो जाते है। आदमी की सोच, निर्णय, कार्य प्रणाली, कार्य
प्रकृति एवम परकाया सम्बन्ध सब स्खलित हो जाता है।
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