इलाज - तुलसी के बीज का महत्त्व



तुलसी के बीज का महत्त्व


जब भी तुलसी में खूब फुल यानी मंजिरी लग जाए तो उन्हें पकने पर तोड़ लेना चाहिए वरना तुलसी के झाड में चीटियाँ और कीड़ें लग जाते है और उसे समाप्त कर देते है . इन पकी हुई मंजिरियों को रख ले . इनमे से काले काले बीज अलग होंगे उसे एकत्र कर ले . यही सब्जा है . तुलसी के पत्ते गर्म तासीर के होते है पर सब्जा शीतल होता है . इसे फालूदा में इस्तेमाल किया जाता है . इसे भिगाने से यह जेली की तरह फुल जाता है . इसे हम दूध या लस्सी के साथ थोड़ी देशी गुलाब की पंखुड़ियां दाल कर ले तो गर्मी में बहुत ठंडक देता है .इसके अलावा यह पाचन सम्बन्धी गड़बड़ी को भी दूर करता है .यह पित्त घटाता है.

आसाराम जी बापू ने तुलसी बीज और त्रिकटु (सोंठ ,काली मिर्च और पीपर )मिलाकर स्वादिष्ट गोलियां बनायी है जो सदैव घर में रखने योग्य है . ये कफनाशक , क्षुधावर्धक और पाचक है .

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