कटाक्ष से भरी कहानी



अपनी नई नवेली दुल्हन प्रिया को शादी के दूसरे दिन ही दहेज मे मिली नई चमाचमाती गाड़ी से शाम को रवि लॉन्ग ड्राइव पर लेकर निकला ! गाड़ी बहुत तेज भगा रहा था , प्रिया ने उसे ऐसा करने से मना किया तो बोला-अरे जानेमन ! मजे लेने दो आज तक दोस्तों की गाड़ी चलाई है , आज अपनी गाड़ी है सालों की तमन्ना पूरी हुई ! मैं तो खरीदने की सोच भी नही सकता था , इसीलिए तुम्हारे डैड से मांग करी थी !

प्रिया बोली :- अच्छा , म्यूजिक तो कम रहने दो ....आवाज कम करते प्रिया बोली ,तभी अचानक गाड़ी के आगे एक भिखारी आ गया , बडी मुश्किल से ब्रेक लगाते , पूरी गाड़ी घुमाते रवि ने बचाया मगर तुरंत उसको गाली देकर बोला-अबे मरेगा क्या भिखारी साले , देश को बरबाद करके रखा है तुम लोगों ने ,तब तक प्रिया गाड़ी से निकलकर उस भिखारी तक पहुंची देखा तो बेचारा अपाहिज था उससे माफी मांगते हुए और पर्स से 100रू निकालकर उसे देकर बोली-माफ करना काका वो हम बातों मे........कही चोट तो नहीं आई ? ये लीजिए हमारी शादी हुई है मिठाई खाइएगा ओर आर्शिवाद दीजिएगा ,कहकर उसे साइड में फुटपाथ पर लेजाकर बिठा दिया, भिखारी दुआएं देने लगा,गाड़ी मे वापस बैठी प्रिया से रवि बोला :- तुम जैसों की वजह से इनकी हिम्मत बढती है भिखारी को मुंह नही लगाना चाहिए,

प्रिया मुसकुराते हुए बोली - रवि , भिखारी तो मजबूर था इसीलिए भीख मांग रहा था वरना सबकुछ सही होते हुए भी लोग भीख मांगते हैं दहेज लेकर ! जानते हो खून पसीना मिला होता है गरीब लड़की के माँ - बाप का इस दहेज मे , ओर लोग.. तुमने भी तो पापा से गाड़ी मांगी थी तो कौन भिखारी हुआ ?? वो मजबूर अपाहिज या ..?? .

एक बाप अपने जिगर के टुकड़े को २० सालों तक संभालकर रखता है दूसरे को दान करता है जिसे कन्यादान "महादान" तक कहा जाता है ताकि दूसरे का परिवार चल सके उसका वंश बढे और किसी की नई गृहस्थी शुरू हो , उसपर दहेज मांगना भीख नही तो क्या है बोलो ..? कौन हुआ भिखारी वो मजबूर या तुम जैसे दूल्हे ....रवि एकदम खामोश नीची नजरें किए शर्मिंदगी से सब सुनता रहा क्योंकि....
प्रिया की बातों से पडे तमाचे ने उसे बता दिया था कि कौन है सचमुच का भिखारी......
               
🙏🏻🙏🏻👍👍👍

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