हर मिलने वाला कुछ न कुछ छोड़ जाता है - मिलना, समझना और बदलना
हर मिलने वाला कुछ न कुछ छोड़ जाता है कभी एक याद, कभी एक सीख और कभी खुद को देखने का नया नजरिया। हर मिलने वाला कुछ न कुछ छोड़ जाता है कभी एक याद, कभी एक सीख और कभी खुद को देखने का नया नजरिया। Every encounter leaves something behind. जीवन में हर व्यक्ति हमारे रास्ते से गुजरता है, लेकिन हर मुलाकात केवल एक गुजरता हुआ क्षण नहीं होती। कुछ लोग हमें खुशी देते हैं, कुछ हमारी सहनशीलता की परीक्षा लेते हैं, कुछ हमारे भीतर करुणा जगाते हैं और कुछ ऐसे भी होते हैं जो हमारे अहंकार, असुरक्षा, क्रोध या अधीरता को सामने ले आते हैं। कभी-कभी हमें लगता है कि सामने वाला व्यक्ति गलत है। उसका व्यवहार, उसकी बातें या उसका नजरिया हमें पसंद नहीं आता। लेकिन यदि हम थोड़ी देर ठहरकर स्वयं से एक दूसरा प्रश्न पूछें तो शायद कुछ नया दिखाई दे। उसके व्यवहार ने मेरे भीतर ऐसा क्या जगा दिया, जिसे मैं अब तक देख नहीं पाया था? हो सकता है किसी की आलोचना ने हमारे भीतर छिपी असुरक्षा को उजागर किया हो। किसी की सफलता ने हमारी ईर्ष्या को सामने ला दिया हो। किसी की असहमति ने हमारे अहंकार को चुनौती दी हो या किसी की कठिन परिस्थिति ने हमारे भीत...