संस्कृति - BHAGAT SINGH



शहीदे आज़म भगत सिंह

सिर्फ आज़ादी हमारा मकसद नहीं है आज़ादी का मतलब क्या है है कि हुकूमत अंग्रेज़ों के हाथ से निकलकर मुटठी भर रईस और ताकतवर हिन्दुस्तानियों के हाथ लग जाये क्या यही आज़ादी है इससे आम आदमी की ज़िन्दगी पर कोई फर्क आयेगा क्या मजदूर और किसान वर्ग के हालात बदलेंगे उन्हें उनका सही हक मिलेगा नहीं आज़ादी सिर्फ पहला कदम है कारमेडस् मकसद है एक वतन बनाना एक एसा वतन जहाँ हर तबके के लोगों को बराबरी से जीने का हक मिले जहां मज़हब के नाम पर समाज में बँटवारा ना हो एक ऐसा वतन जो इन्सान का इन्सान पर जुल्म बर्दाश्त न करे यह मुश्किल है पर असंभव नहीं हिन्दुस्तान जहाँ इतनी सारी जातियाँ भाषाऐं कल्चर हैं उसे एक साथ जोडे रखना आसान नहीं मगर हम इस बात को हम आज नहीं समझेंगे और इस मसले को लेकर आज संघर्ष नहीं करेंगे तो हिन्दुस्तान एक आज़ाद मुल्क तो होगा पर एक भ्रष्ट शोषक और साम्प्रदायिक समाज़ बन कर रह जायेगा कारमेडस् हम सब को मिलकर बनाना है एक समाजवादी वतन और ये हमारी पाट्री के नाम में साफ झलकना चाहिये इसीलिये हिन्दुस्तान रिपब्लिक एसोसियेशन को अब हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन के नाम से बनाना है।


क्या आप लोग मेरे साथ हैं

शहीदे आज़म भगत सिंह

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