कविता - नमन भारत माता
परी हो तुम गुजरात की, रूप तेरा मद्रासी !
सुन्दरता कश्मीर की तुममे, सिक्किम जैसा शर्माती !!
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खान-पान पंजाबी जैसा, बंगाली जैसी बोली !
केरल जैसा आंख तुम्हारा, है दिल तो तुम्हारा दिल्ली !!
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महाराष्ट्र तुम्हारा फ़ैशन है, तो गोवा नया जमाना !
खुशबू हो तुम कर्नाटक कि, बल तो तेरा हरियाणा !!
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सिधी-सादी उड़ीसा जैसी, एम.पी जैसी मुस्काना !
दुल्हन तुम राजस्थान जैसी, त्रिपुरा जैसा इठलाना !!
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झारखन्ड तुम्हारा आभूषण, तो मेघालय तुम्हारी बिन्दीया है !
सीना तुम्हारा यू.पी है तो, हिमांचल तुम्हारी निन्दिया है !!
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कानों का कुन्डल छत्तीसगढ़, तो मिज़ोरम तुम्हारा पायल है !
बिहार गले का हार तुम्हारा, तो आसाम तुम्हारा आंचल है !!
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नागालैन्ड- आन्ध्र दो हाथ तुम्हारे, तो ज़ुल्फ़ तुम्हारा अरुणांचल है !
नाम तुम्हारा भारत माता, तो पवित्रता तुम्हारा उत्तरांचल है !!
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सागर है परिधान तुम्हारा, तिल जैसे है दमन-द्वीव !
मोहित हो जाता है सारा जग, रहती हो तुम कितनी सजीव !!
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अन्डमान और निकोबार द्वीप, पुष्पों का गुच्छ तेरे बालों में !
झिल-मिल, झिल-मिल से लक्षद्वीप, जो चमक रहे तेरे गालों में !!
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ताज तुम्हारा हिमालय है, तो गंगा पखारती चरण तेरे !
कोटि-कोटि हम भारत वासियों का, स्वीकारो तुम नमन मेरे !!
नमन_माँ_भारती 🚩
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