संस्कृति-लघुकथा - नए जीवन का प्रारंभ part 3

 नए जीवन का प्रारंभ

पार्ट १ मैंने अपनी वर्तमान स्तिथि के बारे मैं जिक्र किया था की कैसे जीवन मैं असमंजस की स्तिथि पैदा हो गयी हैं चारों और एक अँधेरा सा छाया हैं न कुछ समझ मैं आता हैं न कोई लक्ष हैं बस जीवन को घसीट रहे थे
फिर एक दिन मैंने कम्पनी से १०दिन की छूट्टी ले ली  की चलो कुछ दिन बहार घूम आते हैं मूड फ्रेश हो जायेगा, मैंने अपने दोस्तों को तैयार किया सब ने हामी भर दी  लेकिन आखिर मैं सब गोला देगए I 
मौसम भी बदलने लगा ठण्ड भी काफी बढने लगी  तो फिर मैंने प्रोग्राम या यूँ कहें मेरा प्रोग्राम अपने आप ही कैंसल हो गया


किया करें किया न करें इसी सोच विचार मैं दिन काट रहा था की अचानक मुझे पढने का मन होने लगा मैंने तुरंत बीबी को बोला चलो कुछ किताबें खरीद कर लाते हैं बाजार से अब्दुल कलाम साहब की
wings of fire खरीद लाया
उनकी बातों ने दिमाग का BRAIN wash करना शुरू कर दिया की problem  कहीं बाहर नहीं मेरे ही अन्दर हैं मेरा vision  गलत हैं life  को देखने का किताब पढते -पढते एक energy  flow हो रही थी मेरे मन में
मैं तुरंत दूसरी किताब उनकी खरीद लाया फिर मुझको अपने मन के बारे में और  अपने आप के बारे पढने  का मन होने लगा  ऐसा महसूस हो रहा था की लाइफ यह नहीं जो मैंने सोच रहा हूँ लाइफ तो कुछ और हैं 
तभी अपने  ब्लाक में ART OF LIVING का एक दिन मैंने बोर्ड पड़ा मैंने सोचा चलो ज्वाइन करते हैं  , अपने छुट्टियों को कहीं सहीं जगह लगते हैं वहां मेरा पहला दिन तो बड़ा टोपी वाला लगा तब सोच रहा था कहाँ फंस गए आके दारू नहीं पीना हैं cigrette नहीं पीना हैं NON  VEG   नहीं खाना हैं कम बोलना हैं मैं सोचा यह साला कहाँ फंस गए आके.



second day जब उन्होंने  सुदर्शन क्रिया कराया तो एक कर्रेंट सा लगा life and body  दोनों में.  ऑफिस आया तो किसी से बात नहीं करने का मन हो रहा था चुप चाप रहना ज्यादा अच्छा लग रहा था  Cigrette पीने का अपने आप ही मन नहीं हो रहा था  
it was  amazing !!!!!!!!!!
केवल एक क्रिया से अगर इंसान के जीवन में इतना बदलाव आ सकता हैं तो भारतीय संस्कृति में तो कितनी सारी क्रिया हैं उनको करने से इंसान मन से शरीर से अपने आप ही चुस्त दुरुस्त रहने लगेगा
में व्यक्तिगत रूप से इस subject  में इतना ज्यादा interest लेने लगा की amazing results मेरे सामने आने लगे मैं कोई ART OF LIVING की तारीफ नहीं कर रहा हूँ न ही उनकी Marketing  कर रहा हूं लेकिन










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