कढ़ी पत्ते में छिपे हैं औषधीय गुण ------------



कढ़ी पत्ते में ढेरों औषधीय गुण होते हैं। भारतीय भोजन में इसका प्रयोग सदियों से हो रहा है। आमतौर पर सुगंध और सजावट के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
एक शोध के मुताबिक प्रति सौ ग्राम कढ़ी पत्ते में 66.3 प्रतिशत नमी, 6.1 प्रतिशत प्रोटीन, एक प्रतिशत वसा, 16 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 6.4 प्रतिशत फाइबर और 4.2 प्रतिशत मिनरल पाया जाता है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और विटामिन सी पाया जाता है। यह पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है।

फायदे और भी हैं..

-उल्टी और अपच में कढ़ी पत्ते को नींबू के रस और चीनी के साथ लेना फायदेमंद होता है।

-पेट में गड़बड़ी होने पर कढ़ी पत्ते को पीस छाछ में मिलाकर खाली पेट लेने पर आराम मिलता है।

-दस्त, पेचिश और बवासीर में नरम कढ़ी पत्तियों को शहद के साथ लेने पर आराम मिलता है।
-कढ़ी पत्ते की जड़ में भी औषधीय गुण होते हैं। यह किडनी के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है।

-नियमित रूप से कढ़ी पत्तों का सेवन करने से असमय बाल सफेद नहीं होते।

-जलने और घाव में भी कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है।
-कढ़ी पत्तों का ताजा रस आंखों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

-कढ़ी पत्तों को नारियल के तेल में तब तक उबालें जब जब वह काली न हो जाए। फिर इन्हें बालों की जड़ों में लगाएं। बाल मुलायम और चमकीले होंगे।

-डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए सुबह दस ताजे कढ़ी पत्तों का सेवन नियमित रूप से तीन महीने तक करें।

Photo: कढ़ी पत्ते में छिपे हैं औषधीय गुण ------------
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कढ़ी पत्ते में ढेरों औषधीय गुण होते हैं। भारतीय भोजन में इसका प्रयोग सदियों से हो रहा है। आमतौर पर सुगंध और सजावट के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
एक शोध के मुताबिक प्रति सौ ग्राम कढ़ी पत्ते में 66.3 प्रतिशत नमी, 6.1 प्रतिशत प्रोटीन, एक प्रतिशत वसा, 16 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 6.4 प्रतिशत फाइबर और 4.2 प्रतिशत मिनरल पाया जाता है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और विटामिन सी पाया जाता है। यह पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है।

फायदे और भी हैं..

-उल्टी और अपच में कढ़ी पत्ते को नींबू के रस और चीनी के साथ लेना फायदेमंद होता है।

-पेट में गड़बड़ी होने पर कढ़ी पत्ते को पीस छाछ में मिलाकर खाली पेट लेने पर आराम मिलता है।

-दस्त, पेचिश और बवासीर में नरम कढ़ी पत्तियों को शहद के साथ लेने पर आराम मिलता है।
-कढ़ी पत्ते की जड़ में भी औषधीय गुण होते हैं। यह किडनी के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है।

-नियमित रूप से कढ़ी पत्तों का सेवन करने से असमय बाल सफेद नहीं होते।

-जलने और घाव में भी कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है।
-कढ़ी पत्तों का ताजा रस आंखों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

-कढ़ी पत्तों को नारियल के तेल में तब तक उबालें जब जब वह काली न हो जाए। फिर इन्हें बालों की जड़ों में लगाएं। बाल मुलायम और चमकीले होंगे।

-डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए सुबह दस ताजे कढ़ी पत्तों का सेवन नियमित रूप से तीन महीने तक करें। 

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